भारतीय सिनेमा ने आज के समय मे समाज मे जो छाप छोड़ी हैं उस असलियत से हम सब अछूते नहीं रह सकते ।
लेकिन सिनेमा जगत मे कुछ ऐसी मूवी भी है जो हमे हमारे भारतीय समाज की विविधता, विशेषता, विशिष्टता जो हमारे समाज मे सामहित है उसका चित्रण कर भारतीय राष्ट्रवाद व समाज के लक्षण को परिलक्षित होते हैं ।
आइये जानते है लगान मूवी मै भारतीय समाज के विविधता विशेषता, विशिष्टता के बारे मे किस प्रकार से सिनेमा के माध्यम से दिखाने की कोशिश की गई हैं ।
SENSE OF BELONGINGNESS
(अपनेपन की भावना)
लगान मूवी मे दिखाई देता है की कैसे भुवन (अमीर खान) व गाँव वाले सब अपने राष्ट्र के प्रति अपनेपन की भावना और देश के प्रति प्रेम भवना दिखा कर अंग्रजों द्वारा संचालित कर वयवस्था का विरोध करते है तथा एकजुट होकर उस समस्या का समाधान करते है ।
CULTURE AND SOCIETY VALUE
(संस्कृति और सामाजिक मूल्य)
कहा जाता है कि अगर भारत का बारें में जानना है तो हमे भारत के गाँव को जानना होगा।
लगान मूवी में भारतीय गाँव कि एक अनूठी रूपरेखा दिखा कर भारतीय संस्कृति व उसके सामाजिक मूल्य को काफी ही बारीकी से दिखा कर स्थापित करने का प्रयास किया गया है ।
LEADERSHIP AND TEAM BUILDING
(नेतृत्व और टीम निर्माण)
नेतृत्व और टीम निर्माण बोहुत ही जरूरी है किसी भी खेल को जितने के लिये लगान मूवी मे दिखाया गया हैं की कैसे भुवन (अमीर खान) क्रिकेट टीम के लिये अपने नेतृत्व से एक टीम का निर्माण करता है ।
SOCIAL INCLUSION
(सामाजिक समावेशन)
भारतीय समाज में अनेक विविधताएं हैं साथ ही छुआछूत जैसी कूरितिया भी विद्यमान है । लगान मूवी के माध्यम से इस छुआछूत जैसी कूरितिया को खत्म करने का संदेश भी दिया गया हैं एक सीन में जब "Kachra" ( Character) को टीम में शामिल करने की बात करता हैं तो गाँव वाले इस बात का विरोद्ध करते है लेकिन आमिर खान (भुवन) के समाज के सभी वर्गों के समावेशन और हर एक वयक्ति कि भागीदारी का संदेश देकर गाँव वाले उसके बात सुन कर अपनी गलती की माफी मांगते हैं ।
FORGIVNESS
(माफ करना)
भारतीय संस्कृति में माफ करने की व एक ओर मौका देने की प्रकृति रही हैं उसी तरह लगान (Lagaan) में "Lakha" द्वारा अपनी टीम में रहते हुए भी अंग्रजो की टीम का साथ देने जैसी गलती को माफ कर एक ओर मौका देते हैं ।
लगान मूवी में कर (Tax) को तिगुना कर देने से गाँव वालों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था जिसके लिये वो अन्ग्रेजी हुकुमत के सामने गये लेकिंन उन्होने उनके कर को माफ करने के लिये क्रिकेट प्रतियोगिता पेश कर दी तो वही भुवन (अमीर खान)
ने इस समस्या को अवसर के रुप में स्वीकार कर लिया ।
FERTINITY AND UNITY
(भ्रातृत्व और एकता )
ने इस समस्या को अवसर के रुप में स्वीकार कर लिया ।
FERTINITY AND UNITY
(भ्रातृत्व और एकता )
इस मूवी में भ्रातृत्व और एकता की भी भावना दिखाई गई हैं जब Deva Singh Sodhi (सरदार जी) टीम की ओर से खेलने के लिये आते हैं ।
PARTICIPATION AND INNOVATIVE
(भागीदारी और अभिनव)
क्रिकेट प्रतियोगिता की चुनौती को स्वीकार कर तो लिया था लेकिन खेलने के लिए उनके पास उपकरण जैसे बैट, गल्फ, पैड इत्यादि सामान नहीं थे । फिर भी गाँव वालोँ ने अपने अभिनव (innvotive) सोच से तथा गांव वालों की भागीदारी तथा सहयोग से मिलजुलकर उपकरण खुद तैयार करते हैं ।
इस प्रकार से हमें देखने को मिलता है की भारतीय सिनेमा में कैसे भारतीयता का दर्शन मिलता हैं ।



👏👏👏
ReplyDeleteVijay bhai keep it up
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