बारिश का आना मेरे लिए किसी हमसफर के आने की आहट देता
या फिर यूँ कहूँ में ये बारिश ही है जिसने मुझे मेरे प्यार से मिलाया ।।
या फिर यूँ कहूँ में ये बारिश ही है जिसने मुझे मेरे प्यार से मिलाया ।।
जिसने मेरे खुशी के आशू को भी अपनी बारिश की बूँदें के साथ मिला लिया जैसे उसने मेरे सपनो को अपने सपनो में मिला लिया ।।
उस दिन की बारिश ने मेरी खामोश जिन्दगी में कई सपनें को सौगात दिया ।।
उसके आने से मेरी जिन्दगी में कई खुशियाँ आई और ना जाने कब में जिस चीजो से डरता था उसने मेरा हाथ थाम उस डर को मेरे अन्दर से हटा डाला ।।
वो कहते हैं ना जब किसी अपने का साथ हो तो हर मंजिल असां लगती है ।।
बस फ़िर क्या था जब सब चीजे आसान लगने लगी तो जिन्दगी का संतुलन बिगड़ गया, वो कहते है ना , की दुख और सुख जब तक ना हो तो जिन्दगी के सही मायने में नही है ।।
कई साल अच्छे पल बिताये ओर जब आज उसी पल की वर्षगांठ का सरप्राइज देने जा रहा था तो बिन मौसम बारिश ने दस्तक दी जैसे उस दिन बारिश की बारिश ने दी थी ।।
इस बारिश ने मुझे मेरे अपने के मिलने का वो खुशनुमा पल याद दिलाया जब हम पहली बार मिले थे ।।
लेकिन क्या पता था ये बरिश मेरी उन तमाम खुशियों को अपने साथ बह ले जाने आई है जो उसने मुझे दी थी ।।
भिगते हुए जब उसके पास पहुँचने ही वाला था कि उसके हाथों में किसी और का साथ देखा ।।
देख कर सब कुछ पहली बरिश की तरह ही हो रहा था लेकिन इस बार बारिश मेरे आंखो के आंसू जो मेरे अपने को दूर ले जाने के लिए निकले ये बारिश अपने साथ ले जा रही थी, कब वो सारे सपने जो उसके साथ देंखे थे वो अब बरिश की बूँदों की तरह क्षणभंगुर हो रहे थे ।।।
तब से लेकर अब तक इस बारिश को जब भी महसूस करता हूँ तो सोचता हूँ की किसी के लिए ये कितनी खुशियाँ लाती हैं और मेरे लिए तो ये खुशी के कुछ पल ही लायी ओर कई दुख दे कर गई ।।।
अब फिर उस बारिश का इन्तजार है जिसमे उन सभी टूटे हुए सपनो को पूरा करने वाले पल लौट आये ।।





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